UP TGT-PGT भर्ती विवाद: सीएम योगी के बयान से अभ्यर्थियों में खुशी, लिखित आदेश तक आंदोलन जारी रखने का फैसला


उत्तर प्रदेश में टीजीटी (TGT) और पीजीटी (PGT) भर्ती की नई अर्हता नियमावली के विरोध में प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन जारी  है। प्रयागराज के सिविल लाइन्स स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का दावा है कि नियमों में अचानक किए गए बदलाव से सात लाख से अधिक युवाओं के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है।

मुख्यमंत्री के बयान को बताया पहली जीत

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से कहा है कि वह राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों को एक और अवसर देने का अनुरोध करें।

मुख्यमंत्री के बयान की जानकारी मिलते ही छात्रों ने खुशी जताई और उनके समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने आंदोलन की पहली जीत बताया। हालांकि, उनका कहना है कि सरकार की ओर से लिखित आदेश या स्पष्ट आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

लिखित आदेश मिलने तक जारी रहेगा प्रदर्शन

धरने में छात्रों का समर्थन करने पहुंचे कोचिंग शिक्षक डॉ. राम मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री के बयान से अभ्यर्थियों में सकारात्मक माहौल बना है। इससे स्पष्ट है कि छात्रों की मांग शासन के शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है। आमरण अनशन पर बैठे रोशन सरोज, मीना देवी, प्रवीण कुमार और शिमला पटेल ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर खुशी व्यक्त की।

डॉ. राम मिश्रा ने कहा कि छात्रों के मन में अभी भी आशंका बनी हुई है। जब तक शिक्षा विभाग या सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, आंदोलन समाप्त करना उचित नहीं होगा। छात्रों को अब माध्यमिक शिक्षा मंत्री अथवा शिक्षा निदेशालय से आधिकारिक और लिखित आश्वासन मिलने की प्रतीक्षा है।

अपर शिक्षा निदेशक कार्यालय का किया था घेराव

इससे पहले आंदोलन के 14वें दिन प्रदर्शनकारियों ने अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता राम पाल के कार्यालय का घेराव किया था। नगर मजिस्ट्रेट, एसीपी सिविल लाइन्स और थाना प्रभारी की मौजूदगी में छात्रों ने ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की थी।

अभ्यर्थियों के विरोध के बाद अपर शिक्षा निदेशक ने शासन को पत्र भेजकर उनकी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। इस मामले में प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त और प्रयागराज के जिलाधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जाने की बात सामने आई है।

नई योग्यता से कई अभ्यर्थियों के बाहर होने का दावा

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 16 सितंबर 2025 को जारी सरकारी गजट के माध्यम से टीजीटी और पीजीटी के विभिन्न विषयों के लिए नई योग्यताएं निर्धारित की थीं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों से पुरानी नियमावली के अनुसार तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक हुए बदलाव के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार आगामी भर्ती से बाहर हो सकते हैं।

प्राविधिक कला, संगीत, हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान और प्रवक्ता पदों के नॉन-बीएड अभ्यर्थी इस बदलाव से विशेष रूप से प्रभावित बताए जा रहे हैं। आंदोलनकारियों की मांग है कि प्रस्तावित UP TGT-PGT भर्ती के लगभग 24 हजार पदों का विज्ञापन पुरानी अर्हता नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर जारी किया जाए।

क्या है UP TGT-PGT भर्ती विवाद?

यह विवाद मुख्य रूप से आगामी शिक्षक भर्ती में लागू होने वाली शैक्षणिक योग्यता और बीएड की अनिवार्यता से जुड़ा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नई व्यवस्था को अचानक लागू करने के बजाय पुराने नियमों से तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को कम से कम एक अंतिम अवसर मिलना चाहिए। फिलहाल मुख्यमंत्री की पहल से समाधान की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन आंदोलनकारी अंतिम निर्णय और लिखित आदेश जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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